जबलपुर का जैन पंचांग, शनिवार, 4 सितंबर 2027
| सूर्योदय की तिथि | शुक्ल चतुर्थी · 12:26 pm तक |
|---|---|
| सूर्योदय | 5:53 am |
| सूर्यास्त | 6:25 pm |
आज
- पर्युषण पर्व — उपवास, प्रतिक्रमण, शास्त्र-श्रवण और आत्मचिंतन के आठ दिन, जो संवत्सरी पर पूरे होते हैं। कई श्वेतांबर संघों में कल्पसूत्र का वाचन होता है।
- संवत्सरी — पर्युषण का अंतिम दिन: संवत्सरी प्रतिक्रमण और सभी जीवों से क्षमा याचना — मिच्छामि दुक्कडम्।
पच्चक्खाण के समय
| नवकारसी | 6:41 am |
|---|---|
| पोरसी | 9:01 am |
| साढ़ पोरसी | 10:35 am |
| पुरिमड्ढ | 12:09 pm |
| अवड्ढ | 3:17 pm |
| चौविहार से पहले | 6:25 pm |
श्वेताम्बर परंपरा के अनुसार: अपने उपासना स्थल से पूछकर पक्का करें. तिथि वही है जो स्थानीय सूर्योदय पर चल रही हो। अपने उपासना स्थल से पक्का करें।
अगला पर्व
दस लक्षण पर्व — रवि, 5 सितंबर (1 दिन में)
अगले उपवास के दिन
पंचमी रवि, 5 सित॰ · अष्टमी बुध, 8 सित॰
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समय Asia/Kolkata में हैं, जो जबलपुर का स्थानीय समय क्षेत्र है। पर्व की तिथियाँ भारत के लिए छपे पंचांगों से हैं; आपका संघ कुछ पर्व एक दिन आगे-पीछे मना सकता है।
दो मिनट में जैन धर्म · English · हिन्दी · ગુજરાતી
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