सूरत का जैन पंचांग, मंगलवार, 15 सितंबर 2026
| सूर्योदय की तिथि | शुक्ल चतुर्थी · 7:45 am तक |
|---|---|
| सूर्योदय | 6:25 am |
| सूर्यास्त | 6:41 pm |
आज
- पर्युषण पर्व — उपवास, प्रतिक्रमण, शास्त्र-श्रवण और आत्मचिंतन के आठ दिन, जो संवत्सरी पर पूरे होते हैं। कई श्वेतांबर संघों में कल्पसूत्र का वाचन होता है।
- संवत्सरी — पर्युषण का अंतिम दिन: संवत्सरी प्रतिक्रमण और सभी जीवों से क्षमा याचना — मिच्छामि दुक्कडम्।
पच्चक्खाण के समय
| नवकारसी | 7:13 am |
|---|---|
| पोरसी | 9:29 am |
| साढ़ पोरसी | 11:01 am |
| पुरिमड्ढ | 12:33 pm |
| अवड्ढ | 3:37 pm |
| चौविहार से पहले | 6:41 pm |
श्वेताम्बर परंपरा के अनुसार: अपने उपासना स्थल से पूछकर पक्का करें. तिथि वही है जो स्थानीय सूर्योदय पर चल रही हो। अपने उपासना स्थल से पक्का करें।
अगला पर्व
दस लक्षण पर्व — बुध, 16 सितंबर (1 दिन में)
अगले उपवास के दिन
पंचमी बुध, 16 सित॰ · अष्टमी शनि, 19 सित॰
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समय Asia/Kolkata में हैं, जो सूरत का स्थानीय समय क्षेत्र है। पर्व की तिथियाँ भारत के लिए छपे पंचांगों से हैं; आपका संघ कुछ पर्व एक दिन आगे-पीछे मना सकता है।
दो मिनट में जैन धर्म · English · हिन्दी · ગુજરાતી
शहर का डेटा GeoNames (CC BY 4.0) से