वाराणसी का जैन पंचांग, गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
| सूर्योदय की तिथि | शुक्ल एकादशी · 2:49 pm तक |
|---|---|
| पर्वी तिथि | ग्यारस |
| सूर्योदय | 5:59 am |
| सूर्यास्त | 5:24 pm |
आज
- आयंबिल ओली (आसोज) — नवपद (सिद्धचक्र) आराधना के नौ दिन। कई लोग आयंबिल करते हैं — दिन में एक बार सादा, बिना स्वाद का भोजन।
पच्चक्खाण के समय
| नवकारसी | 6:47 am |
|---|---|
| पोरसी | 8:51 am |
| साढ़ पोरसी | 10:16 am |
| पुरिमड्ढ | 11:42 am |
| अवड्ढ | 2:33 pm |
| चौविहार से पहले | 5:24 pm |
श्वेताम्बर परंपरा के अनुसार: अपने उपासना स्थल से पूछकर पक्का करें. तिथि वही है जो स्थानीय सूर्योदय पर चल रही हो। अपने उपासना स्थल से पक्का करें।
अगला पर्व
दीपावली — महावीर निर्वाण — रवि, 8 नवंबर (17 दिन में)
अगले उपवास के दिन
चौदस रवि, 25 अक्टू॰ · पंचमी शुक्र, 30 अक्टू॰
जैन परिवार का पंचांग खोलेंअपना शहर चुनें, सुबह की याद पाएँ और पर्व देखें।
समय Asia/Kolkata में हैं, जो वाराणसी का स्थानीय समय क्षेत्र है। पर्व की तिथियाँ भारत के लिए छपे पंचांगों से हैं; आपका संघ कुछ पर्व एक दिन आगे-पीछे मना सकता है।
दो मिनट में जैन धर्म · English · हिन्दी · ગુજરાતી
शहर का डेटा GeoNames (CC BY 4.0) से