Virār का जैन पंचांग, सोमवार, 23 नवंबर 2026
| सूर्योदय की तिथि | शुक्ल चतुर्दशी · 11:43 pm तक |
|---|---|
| पर्वी तिथि | चौदस (Pakkhi) |
| सूर्योदय | 6:51 am |
| सूर्यास्त | 5:58 pm |
आज
- चातुर्मास समापन (कार्तिक चौमासी चौदस) — चौमासी प्रतिक्रमण के साथ चातुर्मास के चार महीने पूरे होते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के बाद साधु-साध्वी फिर से विहार करते हैं।
पच्चक्खाण के समय
| नवकारसी | 7:39 am |
|---|---|
| पोरसी | 9:38 am |
| साढ़ पोरसी | 11:01 am |
| पुरिमड्ढ | 12:25 pm |
| अवड्ढ | 3:11 pm |
| चौविहार से पहले | 5:58 pm |
श्वेताम्बर परंपरा के अनुसार: अपने उपासना स्थल से पूछकर पक्का करें. तिथि वही है जो स्थानीय सूर्योदय पर चल रही हो। अपने उपासना स्थल से पक्का करें।
अगला पर्व
कार्तिक पूर्णिमा — मंगल, 24 नवंबर (1 दिन में)
अगले उपवास के दिन
बीज गुरु, 26 नव॰ · पंचमी शनि, 28 नव॰
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समय Asia/Kolkata में हैं, जो Virār का स्थानीय समय क्षेत्र है। पर्व की तिथियाँ भारत के लिए छपे पंचांगों से हैं; आपका संघ कुछ पर्व एक दिन आगे-पीछे मना सकता है।
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